#वाराणसी:सहस्त्र चंडी महायज्ञ: 16 स्तंभों के पूजन संग सवा लाख आहुतियों से गूंजा परिसर.

डॉ उदयशंकर भगत

वाराणसी (उत्तर प्रदेश): पंचकोशी मार्ग स्थित आदि शंकराचार्य महासंस्थानम में आयोजित सहस्त्र चंडी महायज्ञ के चौथे दिन गुरुवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में प्रातः सुप्रभातम के साथ अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। विद्वान आचार्यों के सस्वर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सर्वप्रथम मंडप के 16 स्तंभों और वेदियों का विधिवत पूजन कराया गया।

महायज्ञ में मां ललिता त्रिपुर सुंदरी का सहस्रार्चन मुख्य आकर्षण रहा। श्रद्धालुओं ने दुर्गा सप्तशती पाठ के बीच यज्ञाग्नि में सवा लाख आहुतियां समर्पित कर लोककल्याण व राष्ट्र समृद्धि की कामना की। सुगंधित धूप और 'स्वाहा' की ध्वनि से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा।

जगद्गुरु ने इसे सनातन परंपरा व धर्म संरक्षण का महायज्ञ बताया। आश्रम में आहुति देने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। आगामी दिनों में भी विविध वैदिक अनुष्ठान जारी रहेंगे।

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